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Janmashtami 2020: देखिये कब, कहां और कैसे मनायी जाएगी-

Updated: May 9


Janmashtami Vrat 2020 Date and Time:


कल जानी 11 अगस्त 2020 जन्माष्टमी का त्यहार मनाया जायेगा। इस साल 11 और 12 अगस्त दो दिन के लिया जन्माष्टमी मनाई जाएगी। ऐसी वजह से किसी जगह 11 मंगलवार और कही 12 जानी बुधवार को जन्माष्टमी मनाई जाएगी. इस बार जन्माष्टमी बुहत ही खास ढंग से मनाई जाएगी, क्युकि 1993 के बाद जन्माष्टमी पर पहली बार बुधाष्टमी और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं.इस बार जन्माष्टमी पर कृतिका नक्षत्र रहेगा, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र रहेगा, जो 13 अगस्त तक रहेगा. और पूजा का जोग्या समय रात 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। तो आईये आगे जानते है क्यों है जन्माष्टमी बुहत प्रसिद्ध तोयहर-


12 को कहाँ धूमधाम से मनेगा जन्मोत्सव (जन्माष्टमी)-

  • नंदभवन, गोकुल

  • प्रेम मंदिर वृंदावन

  • चौरासी खंभा, महावन

  • ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन

  • द्वारिकाधीश मंदिर, मथुरा


  1. वृंदावन के किस स्थान में होगी रात को डेढ़ बजे आरती- वृंदावन में 12 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जायेगा। जैसे की हर साल में वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में कृष्ण जी का जन्मदिन में आधी रात 12 भजे आरती उतरी जाती है और बहार से इतने शारदालो आते है के उस पुरे इलाके में समा नहीं पाते थे मगर इस बार कोरोना महामारी की वजह से आरती में सिर्फ मंदिर के सेवाधिकारी ही शामिल होंगे.मंदिर के अधिकारिओं द्वारा बताया गया कि बांके बिहारी जन्‍माष्‍टमी पर पिले रंग के कपडे पहनेंगे. ठा‍कुर जी का अभिषेक, पूजा और आरती पिछले वर्षों की तरह ही होगी लेकिन बाहर के लोग प्रवेश नहीं कर पाएंगे. आरती का लाइव टेलीकास्ट प्रसारण किया जाएगा.

  2. दो दिनों को लेकर क्यों है उल्जन- कृष्ण दिवस को लेकर इस साल बुहत उल्जन हो रही है, इस तथ्य को दो विभिन्य भागों में बांटा गया है. जैसे की ऋषिकेश और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 13 अगस्त को भी जन्माष्टमी मनाने की तैयारी है. और जगन्नाथपुरी 11 अगस्त की रात को कृष्ण जन्म उत्सव मनया जायेगा। भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. इस साल जन्माष्टमी पर्व पर श्रीकृष्ण की तिथि और जन्म नक्षत्र का संयोग नहीं बन रहा है. इस लिए अलग-अलग स्थानों इस तारीख को निकला गया है. ये भी पढ़ें- चंद्रशेखर आजाद की पूरी जिंदगी, क़ुरबानी, और किस्से जानिये

  3. कब हुआ था भगवान श्री कृष्ण का जन्म जानिए - इस साल देखा जा रहा है के कृष्ण जन्म की तिथि और नक्षत्र एक साथ नहीं मिल रहे. कृष्ण जी का जनम अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. इस बार जन्माष्टमी पर्व पर श्रीकृष्ण की तिथि और जन्म नक्षत्र का संयोग नहीं बन रहा है. इस लिए इस बार दो दिनों में कृष्ण जन्म उत्सव मनया जायेगा।

  4. इस्कॉन और गोकुल समेत इन मंदिरों में भक्‍तों के प्रवेश पर रोक- इस्कॉन, गोकुल, नंदगांव सहित मथुरा-वृंदावन के राधावल्‍लभ मंदिर, राधारमण मंदिर, राधा दामोदर, रंगनाथ मंदिर, प्रेम मंदिर, सेवाकुंज और निधिवन सहित अन्‍य मंदिरों में जाने पर लगेगी गई रोक इस बार. कोरोना प्रकोप इतना बढ़ चुके है के वहां के स्‍थानीय लोगों के प्रवेश की भी मनाई है.

  5. पूजन का शुभ समय- जन्माष्टमी की रात 12 बजकर 5 मिनट से शुरू हो कर 12 बजकर 47 मिनट तक पूजा करने के लिए शुभ समय है.

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जानें पूजा विधि

  • चौकी स्थान पर लाल कपड़ा बिछा लीजिए.

  • श्री कृष्ण जी की मूर्ति चौकी पर एक पात्र में रखिए.

  • दीपक जलाये उस के साथ ही धूपबत्ती भी जला लीजिए.

  • इस तरह प्राथना करे के 'हे भगवान! कृपया पधारिए और पूजा ग्रहण कीजिए और प्रेम प्यार बक्शे'

12 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव कहाँ मनया जायेगा-

  • नंदभवन, गोकुल

  • प्रेम मंदिर वृंदावन

  • चौरासी खंभा, महावन

  • ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन

  • द्वारिकाधीश मंदिर, मथुरा

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